Saturday, 14 February 2015

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हवा क्यों बहती है 
http://abhivyakti-hindi.org/phulwari/jaankari/mausam/images/hawa1.jpgपृथ्वी के चारों ओर रहनेवाली हवा हमेशा चलती रहती है। गर्म हवा ऊपर उठती है और ठंडी हवा नीचे आती है। जैसे ही गर्म हवा ऊपर उठती है, उसकी खाली की हुई जगह को भरने के लिए ठंडी हवा नीचे आती है। सूर्य की गरमी से धरती और समुद्र के अलग अलग हिस्से अलग अलग समय पर गरम होते हैं। और इस तरह धरती पर हवा का बहना जारी रहता है।

हवा के बड़े हिस्से को 'एअर मास' या वायु संहिति कहते हैं। यह अपने पास स्थित धरती या समुद्र के जिस हिस्से के ऊपर से गुज़रता है उसी स्थान के तापमान के अनुसार गर्म, सूखा, ठंडा या नम हो जाता है।
नाइट्रोजनhttp://abhivyakti-hindi.org/phulwari/jaankari/mausam/images/nitrogen.jpg
http://abhivyakti-hindi.org/phulwari/jaankari/mausam/images/hawa5.jpgबहुत तेज़ हवाओं को तूफ़ान कहते हैं। 

जब ये गोलाकार घूमते हुए आगे बढती हैं तो घरों की छतें उड़ जाती हैं और समुद्र में बड़ी–बड़ी लहरें उठने लगती हैं।

ऐसे तूफान आमतौर पर गर्म और नम मौसम वाले स्थान से शुरू होते हैं।

कभी कभी बहुत गर्मी पड़ती है और उमस महसूस हेती है। ऐसे में पतंग भी ठीक से नहीं उड़ती। पतंग हल्की हवा में अच्छी उड़ती है।
 
http://abhivyakti-hindi.org/phulwari/jaankari/mausam/tufan4.jpgजब नमी से भरी हुई ढेर-सी गर्म हवा तेज़ी से ऊपर की ओर उठती है तब तूफ़ान आते हैं।
तुमने तूफ़ान की शुरुआत से पहले हवा को तेज़ होते हुए देखा होगा। जब बादल को बड़े होते जाते हैं और गहरे होते हुए आसमान में अँधेरा छाने लगता है। ये तूफ़ान के लक्षण हैं।
बादलों के अंदर पानी के कण तेज़ी से घूमते हैं और आपस में टकराते हैं, जिससे बिजली पैदा होती है। बिजली पैदा होने का काम तब-तक चलता रहता है जब तक वह बड़ी-सी चिंगारी बन कर एक बादल से दूसरे बादल तक होती हुई धरती तक ज़ोरदार चमक बन कर कौंध नहीं जाती।
http://abhivyakti-hindi.org/phulwari/jaankari/mausam/tufan3.jpgबिजली में गरज और चमक एक साथ होती है। चमक पहले दिखाई देती है और गरज बाद में सुनाई देती है। ऐसा इसलिए होता है क्यों कि प्रकाश की गति ध्वनि की गति से तेज़ होती है और चमक हमारे पास तक आवाज़ से पहले पहुँच जाती है।
बिजली, पानी और तूफ़ान से बचने के लिए किसी ऊँचे पेड़ के नीचे खड़े हो जाना उचित नहीं है, क्यों कि बिजली धरती पर गिरते समय अकसर किसी ऊँचे वृक्ष का सहारा ले लेती है। आसमान से गिरती हुई बिजली हमें नुकसान पहुँचा सकती है।
बिजली चमकते समय जब आकाश में इधर-उधर गुज़रती है तो आस-पास की हवा गर्म हो जाती है। यह गर्म हवा तेज़ी से फैलती है तो गड़गड़ाहट की तेज़ आवाज़ सुनाई देती है।
 

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